भारतीय न्याय संहिता 66 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 66 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 66 in Hindi – BNS 66 in Hindi

पीड़िता की मृत्यु या लगातार विवृतशील दशा कारित करने के लिए दंड- जो कोई, धारा 64 की उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन दंडनीय कोई अपराध करेगा और ऐसे अपराध के दौरान ऐसी कोई क्षति पहुंचाएगा जिससे स्त्री की मृत्यु कारित हो जाती है या जिसके कारण उस स्त्री की दशा लगातार विकृतशील हो जाती है, वह ऐसी अवधि के कठोर कारावास से, जिसकी अवधि बीस वर्ष से कम की नहीं होगी किंतु जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, जिससे उस व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए कारावास अभिप्रेत होगा, या मृत्युदंड से दंडित किया जाएगा।

Bharatiya Nyaya Sanhita 66 in English – BNS 66 in English

Punishment for causing death or resulting in persistent vegetative state of victim- Whoever, commits an offence punishable under sub-section (1) or sub-section (2) of section 64 and in the course of such commission inflicts an injury which causes the death of the woman or causes the woman to be in a persistent vegetative state, shall be punished with rigorous imprisonment for a term which shall not be less than twenty years, but which may extend to imprisonment for life, which shall mean imprisonment for the remainder of that person’s natural life, or with death.

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See also  भारतीय न्याय संहिता 99 क्या है? - Bharatiya Nyaya Sanhita 99 in Hindi & English
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