भारतीय न्याय संहिता 121 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 121 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 121 in Hindi – BNS 121 in Hindi अपराध करने के आशय से विष इत्यादि द्वारा उपहति कारित करना- जो कोई इस आशय से कि किसी व्यक्ति की उपहति कारित की जाए या अपराध करने के, या किए जाने को सुकर बनाने के आशय से, या यह सम्भाव्य जानते हुए कि वह … अधिक पढ़े…

भारतीय न्याय संहिता 120 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 120 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 120 in Hindi – BNS 120 in Hindi प्रकोपन पर स्वेच्छया उपहति या घोर उपहति कारित करना- (1) जो कोई गम्भीर और अचानक प्रकोपन पर स्वेच्छया उपहति कारित करेगा, यदि न तो उसका आशय उस व्यक्ति से भिन्न, जिसने प्रकोपन दिया था, किसी व्यक्ति को उपहति कारित करने का हो और न … अधिक पढ़े…

भारतीय न्याय संहिता 119 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 119 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 119 in Hindi – BNS 119 in Hindi लोक सेवक को अपने कर्तव्य से भयोपरत करने के लिए स्वेच्छया उपहति या घोर उपहति कारित करना- (1) जो कोई किसी ऐसे व्यक्ति को, जो लोक सेवक हो, उस समय जब वह वैसे लोक सेवक के नाते अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहा हो … अधिक पढ़े…

भारतीय न्याय संहिता 118 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 118 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 118 in Hindi – BNS 118 in Hindi संस्वीकृति उद्यापित करने या विवश करके संपत्ति प्रत्यावर्तन कराने के लिए स्वेच्छया उपहति या घोर उपहति कारित करना- (1) जो कोई इस प्रयोजन से स्वेच्छया उपहति कारित करेगा कि उपहत व्यक्ति से या उससे हितबद्ध किसी व्यक्ति से कोई संस्वीकृति या कोई जानकारी, जिससे … अधिक पढ़े…

भारतीय न्याय संहिता 117 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 117 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 117 in Hindi – BNS 117 in Hindi संपति उदाचित करने के लिए या अवैध कार्य कराने को मजबूर करने के लिए स्वेच्छया उपहति या घोर उपहति कारित करना- (1) जो कोई इस प्रयोजन से स्वेच्छया उपहति कारित करेगा कि उपहत व्यक्ति से, या उससे हितबद्ध किसी व्यक्ति से कोई सम्पत्ति या … अधिक पढ़े…

भारतीय न्याय संहिता 116 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 116 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 116 in Hindi – BNS 116 in Hindi खतरनाक आयुधो या साधनों द्वारा स्वेच्छया उपहति या घोर उपहति कारित करना- (1) उस दशा के सिवाय, जिसके लिए धारा 120 की उपधारा (1) में उपबंध हैं, जो कोई असन, वेधन या काटने के किसी उपकरण द्वारा या किसी ऐसे उपकरण द्वारा जो यदि … अधिक पढ़े…

भारतीय न्याय संहिता 115 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 115 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 115 in Hindi – BNS 115 in Hindi स्वेच्छया घोर उपहति कारित करना- (1) जो कोई स्वेच्छया उपहति कारित करता है, यदि वह उपहति, जिसे कारित करने का उसका आशय है या जिसे वह जानता है कि उसके द्वारा उसका किया जाना सम्भाव्य है धौर उपहति है, और यदि वह उपहति, जो … अधिक पढ़े…

भारतीय न्याय संहिता 114 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 114 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 114 in Hindi – BNS 114 in Hindi घोर उपहति- उपहति की केवल नीचे लिखी किस्मे ‘घोर’ कहलाती है- (क) पुंस्त्वहरण। (ख) दोनों में से किसी भी नेत्र की दृष्टि का स्थायी विच्छेद। (ग) दोनों में से किसी भी कान की श्रवणशक्ति का स्थायी विच्छेद। (घ) किसी भी अंग या जोड़ का … अधिक पढ़े…

भारतीय न्याय संहिता 113 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 113 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 113 in Hindi – BNS 113 in Hindi स्वेच्छया उपहति कारित करना- (1) जो कोई किसी कार्य को इस आशय से करता है कि तद्द्द्वारा किसी व्यक्ति को उपहति कारित करे या इस ज्ञान के साथ करता है कि यह संभाव्य है कि वह तद्द्वारा किसी व्यक्ति को उपहति कारित करे और … अधिक पढ़े…

भारतीय न्याय संहिता 112 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 112 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 112 in Hindi – BNS 112 in Hindi उपहति- जो कोई किसी व्यक्ति को शारीरिक पीड़ा, रोग या अंग शैथिल्य कारित करता है, वह उपहति करता है, यह कहा जाता है। Bharatiya Nyaya Sanhita 112 in English – BNS 112 in English Hurt- Whoever causes bodily pain, disease or infirmity to any … अधिक पढ़े…