भारतीय न्याय संहिता 88 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 88 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 88 in Hindi – BNS 88 in Hindi

गर्भपात कारित करने के आशय से किए गए कार्यो द्वारा कारित मृत्यु – (1) जो कोई गर्भवती स्त्री का गर्भपात कारित करने के आशय से कोई ऐसा कार्य करेगा, जिससे स्त्री की मृत्यु कारित हो जाए, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा।

(2) जहां उपधारा (1) में निर्दिष्ट कार्य उस स्त्री की सम्मति के बिना किया जाए, तो वह आजीवन कारावास से, या उक्त उपधारा में विनिर्दिष्ट दण्ड से दण्डित किया जाएगा।

स्पष्टीकरण- इस अपराध के लिए यह आवश्यक नहीं है कि अपराधी जानता हो कि उस कार्य से मृत्यु कारित करना संभाव्य है।

Bharatiya Nyaya Sanhita 88 in English – BNS 88 in English

Death caused by act done with intent to cause miscarriage- (1) Whoever, with intent to cause the miscarriage of a woman with child, does any act which causes the death of such woman, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to ten years, and shall also be liable to fine.

(2) Where the act referred to in sub-section (1) is done without the consent of the woman, shall be punishable either with imprisonment for life, or with the punishment specified in said sub-section.

See also  भारतीय न्याय संहिता 54 क्या है? - Bharatiya Nyaya Sanhita 54 in Hindi & English

Explanation- It is not essential to this offence that the offender should know that the act is likely to cause death.

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