भारतीय न्याय संहिता 89 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 89 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 89 in Hindi – BNS 89 in Hindi

शिशु का जीवित पैदा होना रोकने या जन्म के पश्चात् उसकी मृत्यु कारित करने के आशय से किया गया कार्य- जो कोई किसी शिशु के जन्म से पूर्व कोई कार्य इस आशय से करेगा कि उस शिशु का जीवित पैदा होना तद्द्वारा रोका जाए या जन्म के पश्चात् तद्द्वारा उसकी मृत्यु कारित हो जाए, और ऐसे कार्य से उस शिशु का जीवित पैदा होना रोकेगा, या उसके जन्म के पश्चात् उसकी मृत्यु कारित कर देगा, यदि वह कार्य माता के जीवन को बचाने के प्रयोजन से सद्भावपूर्वक नहीं किया गया हो, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।

Bharatiya Nyaya Sanhita 89 in English – BNS 89 in English

Act done with intent to prevent child being born alive or to cause it to die after birth- Whoever before the birth of any child does any act with the intention of thereby preventing that child from being born alive or causing it to die after its birth, and does by such act prevent that child from being born alive, or causes it to die after its birth, shall, if such act be not caused in good faith for the purpose of saving the life of the mother, be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to ten years, or with fine, or with both.

See also  भारतीय न्याय संहिता 83 क्या है? - Bharatiya Nyaya Sanhita 83 in Hindi & English
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