भारतीय न्याय संहिता 91 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 91 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 91 in Hindi – BNS 91 in Hindi

शिशु के पिता या माता या उसकी देखरेख रखने वाले व्यक्ति द्वारा बारह वर्ष से कम आयु के शिशु का अरक्षित डाल दिया जाना और परित्याग- जो कोई बारह वर्ष से कम आयु के शिशु का पिता या माता होते हुए, या ऐसे शिशु की देखरेख का भार रखते हुए ऐसे शिशु का पूर्णतः परित्याग करने के आशय से उस शिशु को किसी स्थान में अरक्षित डाल देगा या छोड़ देगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।

स्पष्टीकरण- यदि शिशु अरक्षित डाल दिए जाने के परिणामस्वरूप मर जाए, तो यथास्थिति, हत्या या आपराधिक मानव वध के लिए अपराधी का विचारण निवारित करना इस धारा से आशयित नहीं है।

Bharatiya Nyaya Sanhita 91 in English – BNS 91 in English

Exposure and abandonment of child under twelve years, by parent or person having care of it- Whoever being the father or mother of a child under the age of twelve years, or having the care of such child, shall expose or leave such child in any place with the intention of wholly abandoning such child, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to seven years, or with fine, or with both.

Explanation- This section is not intended to prevent the trial of the offender for murder or culpable homicide, as the case may be, if the child die in consequence of thee xposure.

See also  भारतीय न्याय संहिता 32 क्या है? - Bharatiya Nyaya Sanhita 32 in Hindi & English
Rate this post
Share on:

Leave a comment