भारतीय न्याय संहिता 97 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 97 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 97 in Hindi – BNS 97 in Hindi

वेश्यावृति आदि के प्रयोजन के लिए शिशु का खरीदना- जो कोई अठारह वर्ष के कम आयु के किसी शिशु को इस आशय से कि ऐसा व्यक्ति किसी आयु में भी वेश्यावृति या किसी शिशु से अयुक्त संभोग करने के लिए या किसी विधिविरुद्ध और दुराचारिक प्रयोजन के लिए काम में लाया या उपयोग किया जाए या यह सम्भाव्य जानते हुए कि ऐसा शिशु किसी आयु में भी ऐसे किसी प्रयोजन के लिए काम में लाया जाएगा या उपयोग किया जाएगा, खरीदेगा, भाड़े पर लेगा, या अन्यथा उसका कब्जा अभिप्राप्त करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जो सात वर्ष से कम नहीं होगा, किंतु चौदह वर्ष तक हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा।

  • स्पष्टीकरण 1- अठारह वर्ष से कम आयु की नारी को खरीदने वाली, भाड़े पर लेने वाली या अन्यथा उसका कब्जा अभिप्राप्त करने वाली किसी वेश्या के या वेश्यागृह चलाने या उसका प्रबन्ध करने वाले किसी व्यक्ति के बारे में, जब तक कि तत्प्रतिकूल साबित न कर दिया जाए, यह उपधारणा की जाएगी कि ऐसी नारी का कब्जा उसने इस आशय से अभिप्राप्त किया है कि वह वेश्यावृत्ति के प्रयोजनों के लिए उपयोग में लाई जाएगी।
  • स्पष्टीकरण 2- “अयुक्त संभोग” का वही अर्थ है, जो धारा 96 में है।

Bharatiya Nyaya Sanhita 97 in English – BNS 97 in English

Buying child for purposes of prostitution, etc- Whoever buys, hires or otherwise obtains possession of any child below the age of eighteen years with intent that such person shall at any age be employed or used for the purpose of prostitution or illicit intercourse with any person or for any unlawful and immoral purpose, or knowing it to be likely that such child will at any age be employed or used for any such purpose, shall be punished with imprisonment of either description for a term which shall not be less than seven years but which may extend to fourteen years, and shall also be liable to fine.

  • Explanation 1- Any prostitute or any person keeping or managing a brothel, who buys, hires or otherwise obtains possession of a female under the age of eighteen years shall, until the contrary is proved, be presumed to have obtained possession of such female with the intent that she shall be used for the purpose of prostitution.
  • Explanation 2- “Illicit intercourse” has the same meaning as in section 96.
See also  भारतीय न्याय संहिता 63 क्या है? - Bharatiya Nyaya Sanhita 63 in Hindi & English
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