भारतीय न्याय संहिता 103 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 103 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 103 in Hindi – BNS 103 in Hindi

हत्या की कोटि में न आने वाले आपराधिक मानव वध के लिए दण्ड- जो कोई ऐसा आपराधिक मानव वध करेगा, जो हत्या की कोटि में नहीं आता है, यदि वह कार्य जिसके द्वारा मृत्यु कारित की गई है, मृत्यु या ऐसी शारीरिक क्षति, जिससे मृत्यु होना संभाव्य है, कारित करने के आशय से किया जाए, तो वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा अथवा यदि वह कार्य इस ज्ञान के साथ कि उससे मृत्यु कारित करना सम्भाव्य है, किन्तु मृत्यु या ऐसी शारीरिक क्षति, जिससे मृत्यु कारित करना सम्भाव्य है, कारित करने के किसी आशय के बिना किया जाए, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दण्डित किया जाएगा।

Bharatiya Nyaya Sanhita 103 in English – BNS 103 in English

Punishment for culpable homicide not amounting to murder- Whoever commits culpable homicide not amounting to murder, shall be punished with imprisonment for life, or imprisonment of either description for a term which shall not be less than five years but which may extend to ten years, and shall also be liable to fine, if the act by which the death is caused is done with the intention of causing death, or of causing such bodily injury as is likely to cause death; or with imprisonment of either description fora term which may extend to ten years and with fine, if the act is done with the knowledge that it is likely to cause death, but without any intention to cause death, or to cause such bodily injury as is likely to cause death.

See also  भारतीय न्याय संहिता 94 क्या है? - Bharatiya Nyaya Sanhita 94 in Hindi & English
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