भारतीय न्याय संहिता 104 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 104 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 104 in Hindi – BNS 104 in Hindi

उपेक्षा द्वारा मृत्यु कारित करना – (1) जो कोई उतावलेपन से या उपेक्षापूर्ण किसी ऐसे कार्य से किसी व्यक्ति की मृत्यु कारित करेगा, जो आपराधिक मानव वध की कोटि में नहीं आता, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी और जुर्माने के लिए भी दायी होगा।

(2) जो कोई उतावलेपन या उपेक्षापूर्ण किसी कार्य से किसी व्यक्ति की मृत्यु कारित करेगा, जो आपराधिक मानव वध नहीं है और घटना स्थल से निकलकर भागेगा या घटना के तत्काल पश्चात्, पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट को घटना की सूचना देने में असफल रहेगा, किसी भी अवधि की कारावास से जो दस वर्ष तक का हो सकेगा, के दंड से दंडनीय होगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा।

Bharatiya Nyaya Sanhita 104 in English – BNS 104 in English

Causing death by negligence- (1) Whoever causes the death of any person by doing any rash or negligent act not amounting to culpable homicide, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to seven years, and shall also be liable to fine.

(2) Whoever causes death of any person by doing any rash or negligent act not amounting to culpable homicide and escapes from the scene of incident or fails to report the incident to a Police officer or Magistrate soon after the incident, shall be punished with imprisonment of either description of a term which may extend to ten years, and shall also beliable to fine.

See also  भारतीय न्याय संहिता 23 क्या है? - Bharatiya Nyaya Sanhita 23 in Hindi & English
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