भारतीय न्याय संहिता 35 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 35 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 35 in Hindi – BNS 35 in Hindi

शरीर तथा संपति की प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार- धारा 40 में अंतर्विष्ट निबन्धनों के अध्यधीन, हर व्यक्ति को अधिकार है कि, वह-

  • (क) मानव शरीर पर प्रभाव डालने वाले किसी अपराध के विरुद्ध अपने शरीर और किसी अन्य व्यक्ति के शरीर की प्रतिरक्षा करे;
  • (ख) किसी ऐसे कार्य के विरुद्ध, जो चोरी, लूट, रिष्टि या आपराधिक अतिचार की परिभाषा में आने वाला अपराध है, या जो चोरी, लूट, रिष्टि या आपराधिक अतिचार करने का प्रयत्न है, अपनी या किसी अन्य व्यक्ति की, चाहे जंगम, चाहे स्थावर संपति की प्रतिरक्षा करे।

Bharatiya Nyaya Sanhita 35 in English – BNS 35 in English

Right of private defence of body and of property- Every person has a right, subject to the restrictions contained in section 37, to defend-

  • (a) his own body, and the body of any other person, against any offence affecting the human body;
  • (b) the property, whether movable or immovable, of himself or of any other person, against any act which is an offence falling under the definition of theft, robbery, mischief or criminal trespass, or which is an attempt to commit theft, robbery, mischief or criminal trespass.
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See also  भारतीय न्याय संहिता 62 क्या है? - Bharatiya Nyaya Sanhita 62 in Hindi & English
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