भारतीय न्याय संहिता 36 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 36 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 36 in Hindi – BNS 36 in Hindi

ऐसे व्यक्ति के कार्य के विरुद्ध प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार जो मानसिक रूप से रुग्ण हो- जब कोई कार्य, जो अन्यथा कोई अपराध होता, उस कार्य को करने वाले व्यक्ति के बालकपन, समझ की परिपक्वता के अभाव, मानसिक रूप से रुग्ण या मतता के कारण, या उस व्यक्ति के किसी भ्रम के कारण वह अपराध नहीं है, तब हर व्यक्ति उस कार्य के विरुद्ध प्राइवेट प्रतिरक्षा का वही अधिकार रखता है, जो वह उस कार्य के वैसा अपराध होने की दशा में रखता।

दृष्टांत-

  • (क) य, पागलपन के असर में, क को जान से मारने का प्रयत्न करता है। य किसी अपराध का दोषी नहीं है। किन्तु क को प्राइवेट प्रतिरक्षा का वही अधिकार है, जो वह य के स्वस्थचित होने की दशा में रखता।
  • (ख) क रात्रि में एक ऐसे गृह में प्रवेश करता है जिसमें प्रवेश करने के लिए वह वैध रूप से हकदार है। य, सद्भावपूर्वक क को गृह भेदक समझकर, क पर आक्रमण करता है। यहां य इस भ्रम के अधीन क पर आक्रमण करके कोई अपराध नहीं करता है। किंतु क, य के विरुद्ध प्राइवेट प्रतिरक्षा का वही अधिकार रखता है, जो वह तब रखता, जब य उस भ्रम के अधीन कार्य न करता।

Bharatiya Nyaya Sanhita 36 in English – BNS 36 in English

Right of private defence against act of a person with mental illness, etc- When an act, which would otherwise be a certain offence, is not that offence, by reason of the youth, the want of maturity of understanding, the mental illness or the intoxication of the person doing that act, or by reason of any misconception on the part of that person, every person has the same right of private defence against that act which he would have if the act were that offence.

Illustrations-

  • (a) Z, under the influence of mental illness, attempts to kill A; Z is guilty of no offence. But A has the same right of private defence which he would have if Z were sane.
  • (b) A enters by night a house which he is legally entitled to enter. Z, in good faith, taking A for a house-breaker, attacks A. Here Z, by attacking A under this misconception, commits no offence. But A has the same right of private defence against Z, which he would have if Z were not acting under that misconception.
See also  भारतीय न्याय संहिता 18 क्या है? - Bharatiya Nyaya Sanhita 18 in Hindi & English
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