भारतीय न्याय संहिता 40 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 40 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 40 in Hindi – BNS 40 in Hindi

शरीर की प्राइवेट प्रतिरक्षा अधिकार का प्रारंभ और बना रहना- शरीर की प्राइवेट प्रतिरक्षा का अधिकार उसी क्षण प्रारंभ हो जाता है, जब अपराध करने के प्रयत्न या धमकी से शरीर के संकट की युक्तियुक्त आशंका पैदा होती है, चाहे वह अपराध किया न गया हो, और वह तब तक बना रहता है जब तक शरीर के संकट की ऐसी आशंका बनी रहती है।

Bharatiya Nyaya Sanhita 40 in English – BNS 40 in English

Commencement and continuance of right of private defence of the body- The right of private defence of the body commences as soon as a reasonable apprehension of danger to the body arises from an attempt or threat to commit the offence though the offence may not have been committed; and it continues as long as such apprehension of danger to the body continues.

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See also  भारतीय न्याय संहिता 69 क्या है? - Bharatiya Nyaya Sanhita 69 in Hindi & English
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