भारतीय न्याय संहिता 39 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 39 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 39 in Hindi – BNS 39 in Hindi

कब ऐसे अधिकार का विस्तार मृत्यु से भिन्न कोई अपहानि कारित करने तक का होता है- यदि अपराध पूर्वगामी धारा 38 में प्रगणित भातियों में से किसी भांति का नहीं है, तो शरीर की प्राइवेट प्रतिरक्षा के अधिकार का विस्तार हमलावर की मृत्यु स्वेच्छया कारित करने तक का नहीं होता, किंतु इस अधिकार का विस्तार धारा 37 में वर्णित निर्बन्धनों के अध्यधीन हमलावर की मृत्यु से भिन्न कोई अपहानि स्वेच्छया कारित करने तक का होता है।

Bharatiya Nyaya Sanhita 39 in English – BNS 39 in English

When such right extends to causing any harm other than death- If the offence be not of any of the descriptions specfied in section 38, the right of private defence of the body does not extend to the voluntary causing of death to the assailant, but does extend, under the restrictions specified in section 37, to the voluntary causing to the assailant of any harm other than death.

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See also  भारतीय न्याय संहिता 90 क्या है? - Bharatiya Nyaya Sanhita 90 in Hindi & English
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