भारतीय न्याय संहिता 53 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 53 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 53 in Hindi – BNS 53 in Hindi

दुष्प्रेरित कार्य से कारित उस प्रभाव के लिए दुष्प्रेरक का दायित्व जो दुष्प्रेरक द्वारा आशयित से भिन्न हो- जबकि कार्य का दुष्प्रेरण दुष्प्रेरक द्वारा किसी विशिष्ट प्रभाव को कारित करने के आशय से किया जाता है और दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप जिस कार्य के लिए दुष्प्रेरक दायित्व के अधीन है, वह कार्य दुष्प्रेरक के द्वारा आशयित प्रभाव से भिन्न प्रभाव कारित करता है तब दुष्प्रेरक कारित प्रभाव के लिए उसी प्रकार और उसी विस्तार तक दायित्व के अधीन है, मानो उसने उस कार्य का दुष्प्रेरण उसी प्रभाव को कारित करने के आशय से किया हो परन्तु यह तब जब कि वह यह जानता था कि दुष्प्रेरित कार्य से यह प्रभाव कारित होना सम्भाव्य है।

इष्टांत- य को घोर उपहति करने के लिए ख को क उकसाता है। ख उस उक्साहट के परिणामस्वरूप य को घोर उपहति कारित करता है। परिणामतः य की मृत्यु हो जाती है। यहां यदि क यह जानता था कि दुष्प्रेरित घोर उपहति से मृत्यु कारित होना सम्भाव्य है, तो क हत्या के लिए उपबन्धित दण्ड से दण्डनीय है।

Bharatiya Nyaya Sanhita 53 in English – BNS 53 in English

Liability of abettor for effect caused by act abetted different from that intended by abettor- When an act is abetted with the intention on the part of the abettor of causing a particular effect, and an act for which the abettor is liable in consequence of the abetment, causes a different effect from that intended by the abettor, the abettor is liable for the effect caused, in the same manner and to the same extent as if he had abetted the act with the intention of causing that effect, provided he knew that the act abetted was likely to cause that effect.

Illustrations- A instigates B to cause grievous hurt to Z. B, in consequence of the instigation, causes grievous hurt to Z. Z dies in consequence. Here, if A knew that the grievous hurt abetted was likely to cause death, A is liable to be punished with the punishment provided for murder.

See also  भारतीय न्याय संहिता 18 क्या है? - Bharatiya Nyaya Sanhita 18 in Hindi & English
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