भारतीय न्याय संहिता 58 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 58 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 58 in Hindi – BNS 58 in Hindi

मृत्यु या आजीवन कारावास से दंडनीय अपराध करने की परिकल्पना को छिपाना- जो कोई मृत्यु या आजीवन कारावास से दंडनीय अपराध का किया जाना सुकर बनाने के आशय से या संभाव्यतः तद्द्वारा सुकर बनाएगा यह जानते हुए, ऐसे अपराध के किए जाने की परिकल्पना के अस्तित्व को किसी कार्य या लोप द्वारा या विगूदन अथवा किसी अन्य सूचना प्रच्छन्न साधन के उपयोग द्वारा स्वेच्छया छिपाएगा या ऐसी परिकल्पना के बारे में ऐसा व्यपदेशन करेगा जिसका मिथ्या होना वह जानता है.-

  • (क) यदि ऐसा अपराध कर दिया जाए, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, अथवा
  • (ख) यदि अपराध न किया जाए, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और दोनों दशाओं में से हर एक में जुर्माने से भी दंडनीय होगा।

दृष्टांत- क, यह जानते हुए कि ख स्थान पर डकैती पड़ने वाली है, मजिस्ट्रेट को यह मिथ्या इतिला देता है कि डकैती ग स्थान पर, जो विपरीत दिशा में है, पड़ने वाली है और इस आशय से कि एतद्द्वारा उस अपराध का किया जाना सुकर बनाए मजिस्ट्रेट को भुलावा देता है। डकैती परिकल्पना के अनुसरण में ख स्थान पर पड़ती है। क इस धारा के अधीन दंडनीय है।

See also  भारतीय न्याय संहिता 56 क्या है? - Bharatiya Nyaya Sanhita 56 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 58 in English – BNS 58 in English

Concealing design to commit offence punishable with death or imprisonment for life- Whoever intending to facilitate or knowing it to be likely that he will thereby facilitate the commission of an offence punishable with death or imprisonment for life, voluntarily conceals by any act or illegal omission, or by the use of encryption or any other information hiding tool, the existence of a design to commit such offence or makes any representation which he knows to be false respecting such design shall,-

  • (a) if that offence be committed, be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to seven years; or
  • (b) if the offence be not committed, with imprisonment of either description, for a term which may extend to three years, and shall also be liable to fine.

Illustration- A, knowing that dacoity is about to be committed at B, falsely informs the Magistrate that a dacoity is about to be committed at C, a place in an opposite direction, and thereby misleads the Magistrate with intent to facilitate the commission of the offence. The dacoity is committed at B in pursuance of the design. A is punishable under this section.

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