भारतीय न्याय संहिता 86 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 86 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 86 in Hindi – BNS 86 in Hindi

गर्भपात कारित करना – जो कोई गर्भवती स्त्री का स्वेच्छया गर्भपात कारित करेगा, यदि ऐसा गर्भपात उस स्त्री का जीवन बचाने के प्रयोजन से सदभावपूर्वक, कारित न किया जाए, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा, और यदि वह स्त्री स्पन्दनगर्भा हो, तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा।

स्पष्टीकरण- जो स्त्री स्वयं अपना गर्भपात कारित करती है, वह इस धारा के अर्थ के अन्तर्गत आती है।

Bharatiya Nyaya Sanhita 86 in English – BNS 86 in English

Causing miscarriage- Whoever voluntarily causes a woman with child to miscarry, shall, if such miscarriage be not caused in good faith for the purpose of saving the life of the woman, be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to three years, or with fine, or with both; and, if the woman be quick with child, shall be punished with imprisonment of either description for a term which may extend to seven years, and shall also be liable to fine.

Explanation- A woman who causes herself to miscarry, is within the meaning of this section.

See also  भारतीय न्याय संहिता 60 क्या है? - Bharatiya Nyaya Sanhita 60 in Hindi & English
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