भारतीय न्याय संहिता 111 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 111 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 111 in Hindi – BNS 111 in Hindi आतंकवादी कार्य का अपराध- (1) यह कहा जाएगा कि किसी व्यक्ति ने आतंकवादी कार्य किया है, यदि वह भारत में या विदेश में भारत की एकता, अखंडता और सुरक्षा को धमकी देने, जनसाधारण या उसके किसी हिस्से को अभित्रास करने या लोक व्यवस्था को … अधिक पढ़े…

भारतीय न्याय संहिता 110 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 110 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 110 in Hindi – BNS 110 in Hindi छोट संगठित अपराध या समान्यतः संगठित अपराध- (1) कोई अपराध, जो नागरिकों के बीच यान चोरी या यान से या घरेलू चोरी, कारवार चोरी, छल-कपट से चौरी, स्थोरा चौरी चौरी चौरी, वैयक्तिक संपति की चोरी का प्रयास) संगठित जेब कतरना, चेन छीनना, दुकान तोड़कर … अधिक पढ़े…

भारतीय न्याय संहिता 109 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 109 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 109 in Hindi – BNS 109 in Hindi संगठित अपराध- (1) या तो किसी संगठित अपराध अभिषद् के सदस्य के रूप में या ऐसे अभिषद् की ओर से मिलकर, एकल रूप से या संयुक्त रूप से कार्य करने वाले व्यष्टियों के समूहों के प्रयास दद्वारा, हिंसा, हिंसा की धमकी, अभित्रास, उत्पीडन, भ्रष्टाचार … अधिक पढ़े…

भारतीय न्याय संहिता 108 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 108 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 108 in Hindi – BNS 108 in Hindi आपराधिक मानव वध करने का प्रयत्न- जो कोई किसी कार्य को ऐसे आशय या ज्ञान से और ऐसी परिस्थितियों में करेगा कि यदि उस कार्य से वह मृत्यु कारित कर देता, तो वह हत्या की कोटि में न आने वाले आपराधिक मानव वध का … अधिक पढ़े…

भारतीय न्याय संहिता 107 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 107 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 107 in Hindi – BNS 107 in Hindi हत्या करने का प्रयत्न – (1) जो कोई किसी कार्य को ऐसे आशय या ज्ञान में और ऐसी परिस्थितियों में करेगा कि यदि वह उस कार्य द्वारा मृत्यु कारित कर देता तो वह हत्या का दोषी होता, वह दोनों में से किसी भांति के … अधिक पढ़े…

भारतीय न्याय संहिता 106 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 106 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 106 in Hindi – BNS 106 in Hindi आत्महत्या का दुष्प्रेरण – यदि कोई व्यक्ति आत्महत्या करे, तो जो कोई ऐसी आत्महत्या का दुष्प्रेरण करेगा, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा। Bharatiya … अधिक पढ़े…

भारतीय न्याय संहिता 105 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 105 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 105 in Hindi – BNS 105 in Hindi शिशु या मानसिक रूप से रुग्ण व्यक्ति के आत्महत्या का दुष्प्रेरण – यदि अठारह वर्ष से कम आयु का कोई व्यक्ति, मानसिक रूप से रुग्ण व्यक्ति, चित्त विपर्यस्त कोई व्यक्ति या मतता की अवस्था में कोई व्यक्ति आत्महत्या करता है जो कोई ऐसी आत्महत्या … अधिक पढ़े…

भारतीय न्याय संहिता 104 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 104 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 104 in Hindi – BNS 104 in Hindi उपेक्षा द्वारा मृत्यु कारित करना – (1) जो कोई उतावलेपन से या उपेक्षापूर्ण किसी ऐसे कार्य से किसी व्यक्ति की मृत्यु कारित करेगा, जो आपराधिक मानव वध की कोटि में नहीं आता, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात … अधिक पढ़े…

भारतीय न्याय संहिता 103 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 103 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 103 in Hindi – BNS 103 in Hindi हत्या की कोटि में न आने वाले आपराधिक मानव वध के लिए दण्ड- जो कोई ऐसा आपराधिक मानव वध करेगा, जो हत्या की कोटि में नहीं आता है, यदि वह कार्य जिसके द्वारा मृत्यु कारित की गई है, मृत्यु या ऐसी शारीरिक क्षति, जिससे … अधिक पढ़े…

भारतीय न्याय संहिता 102 क्या है? – Bharatiya Nyaya Sanhita 102 in Hindi & English

Bharatiya Nyaya Sanhita 102 in Hindi – BNS 102 in Hindi आजीवन सिद्धदोष द्वारा हत्या के लिए दण्ड – जो कोई आजीवन कारावास के दण्डादेश के अधीन होते हुए हत्या करेगा, वह मृत्यु या आजीवन कारावास, जो व्यक्ति के शेष प्राकृत जीवनकाल के लिए होगा, से दण्डित किया जाएगा। Bharatiya Nyaya Sanhita 102 in English … अधिक पढ़े…