Shaahana vs Ajijj Domestic Violence Judgement

प्रार्थिया श्रीमती शहाना की ओर से विरूद्ध विपक्षीगण अंतर्गत धारा-१२ घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के तहत संरक्षण दिलाये जाने हेतु तथा भरण-पोषण के सम्बन्ध में अनुतोष प्राप्त करने हेतु यह प्रार्थना-पत्र प्रस्तुत किया गया है।

संक्षेप में प्रार्थना-पत्र का कथानक इस प्रकार है कि प्रार्थिया की शादी विपक्षी अजीज सैफी के साथ दिनांक २२.०४.२०१२ को मुस्लिम रीतिरिवाज के अनुसार सम्पन्न हुई थी विवाह से पूर्व सगाई रोका की रस्म सम्पन्न हुई थी, जिसमें प्रार्थिया के माता पिता पचास हजार रूपये खर्च किये थे तथा विवाह में नकदी व दान दहेज व स्त्रीधन, जिसकी सूची परिवादी के साथ संलग्न है, देते हुए करीब पांच लाख रूपये खर्च किये थे। विदा होकर ससुराल जाने के उपरान्त प्रार्थिया ने विपक्षीगण की खूब सेवा की व शिकायत का कोई मौका नहीं दिया लेकिन विपक्षीगण दिये गये दान दहेज से संतुष्ट नहीं थे और कम दहेज का ताना देते हुए पांच लाख रूपये नकद व एक कार की मांग करने लगे तथा दहेज के लिए प्रार्थिया को तरह-तरह से शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। विपक्षीगण परिवादिनी के साथ मारपीट करते थे, गालीगलौच करते थे। माह फरवरी-२०१४ में परिवादिया गर्भवती हो गई तो विपक्षीगण के उकसाने पर परिवादिया के साथ मारपीट की व उसके पेट में लात मारी जिससे परिवादिया का गर्भपात हो गया। विपक्षी आज तक में पत्रकार व फोटोग्राफर है जो परिवादिया को लगातार धमकी देता है कि परिवादिया उसका कुछ नहीं बिगाड सकती है, वह मीडिया के लोग हैं। दहेज की मांग पूरी न होने पर विपक्षीगण ने दिनांक ०६.१०.२०१४ को परिवादिया को घर से निकाल दिया और दहेज की मांग पूरी न करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। परिवादिया के माता पिता ने विपक्षीगण से कई बार बात की व समझाने की कोशिश की लेकिन विपक्षीगण बाज आने को तैयार नहीं है। परिवादिया का समस्त स्त्रीधन विपक्षीगण के कब्जे में है, जिसे परिवादिया प्राप्त करने की अधिकारी है। विपक्षी आज तक में कार्य करता है जिससे उसे पचास हजार रूपये माहवार आय होती है। विपक्षीगण १ ता ५ जिस भवन में निवास करते हैं, वह परिवादिया का वैवाहिक घर है, जिसमें निवास करने का परिवादिनी का वैधानिक अधिकारी है।

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उपरोक्त वर्णित आधारों पर प्रार्थिया द्वारा निम्नलिखित अनुतोष की याचना की गई है:-

  • विपक्षीगण को आदेशित किया जाये कि वह परिवादिनी का स्त्रीधन जिसकी सूची परिवाद-पत्र के साथ संलग्न है, परिवादिनी को वापस करें।
  • यह कि विपक्षी संख्या-१ को आदेशित किया जाये कि वह परिवादिया को बीस हजार रूपये माहवार भरण-पोषण की धनराशि अदा करे।
  • विपक्षीगण को आदेशित किया जाये कि वह शान्ति निवास जे.वी. सोनी मकान नंर १२ गली नंबर-१ गुप्ता एन्कलेव विकास नगर, उत्तम नगर दिल्ली में परिवादिनी के निवास करने में बाधा उत्पन्न न करें।
  • यह कि शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना के कारण हुए क्षति के प्रतिकर स्वरूप विपक्षीगण से पांच लाख रूपये एक मुश्त दिलाये जायें।

प्रार्थिया द्वारा आवेदन प्रस्तुत करने के उपरान्त विपक्षीगण को नोटिस प्रेषित किये गये जिनके द्वारा न्यायालय में उपस्थित होकर प्रार्थना-पत्र के विरूद्ध आपत्ति प्रस्तुत की गयी।

संक्षेप में विपक्षीणण की आपत्ति निम्नवत है:-

विपक्षीगण द्वारा प्रार्थिया के विपक्षी संख्या-१ की पत्नी होने के तथ्य को स्वीकार करते हुए शेष कथनों को अस्वीकार किया है तथा विशेष कथन किया है कि परिवादिनी की शादी विपक्षी संख्या-१ के साथ बिना दान दहेज के साधारण तरीके से हुई थी। निकाह के पश्चात विपक्षीगण द्वारा वादिनी को मान सम्मान दिया और उसकी हर जरूरत को पूरा किया। परिवादिनी का व्यवहार विपक्षीगण के प्रति क्रूर व आक्रामक था और वह घर में क्लेश का माहौल रखती थी। विपक्षीगण द्वारा परिवादिनी को समझाने का काफी प्रयास किया गया परन्तु उसके व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं आया। परिवादिनी स्वयं अपनी इच्छा से घर में क्लेश करके दिनांक ०७.१०.२०१४ को अपने भाई के साथ अपने मायके आयी थी जिसकी सूचना थाना रन्होला दिल्ली में डी.डी.नंबर-७ पर दर्ज है। विपक्षीगण द्वारा परिवादिने के साथ दहेज की बाबत कभी कोई मांग नहीं की गई और न ही उसे अतिरिक्त दहेज के लिए प्रताड़ित किया गया और न ही उसके साथ कोई मारपीट व गालीगलौच की गई। परिवादिनी शादी के बाद से ही घर का कोई कार्य नहीं करती थी और अपने बहन बहनोई से फोन पर बातें करती रहती थी तथा विपक्षी संख्या-१ से कहती थी कि उसके परिवार वालों ने जबरदस्ती शादी की है, वह विपक्षी के साथ रहना नहीं चाहती है तथा तलाक देना चाहती है। परिवादिनी अधिकतर समय अपने मायके में व्यतीत करती थी। विपक्षीगण द्वारा परिवादिनी को समझाने का काफी प्रयास किया गया परन्तु परिवादिनी के व्यवहार व आचरण में कोई परिवर्तन नहीं आया।

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पूरा जजमेंट पढ़ने के लिए निचे PDF को पढ़े।

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