IPC 319 in Hindi- आईपीसी धारा 319 क्या है?, सजा, जमानत और बचाव

IPC 319 in Hindi:- दोस्तों, हम कई बार ऐसी घटनाओं से गुजरते हैं जिसके कारण हमारे शरीर को चोट पहुंचती है लेकिन उसे हम नजर अंदाज कर देते हैं। कोई किसी को एक थप्पड़ मार कर चला जाता है जो की चोट के मामले में ही आता है। ऐसे में हम आपको बता दें कि किसी के द्वारा चोट पहुँचाना भी एक कानूनी अपराध माना गया है। इस लेख के द्वारा हम आपको IPC के इस सेक्शन के बारे में विस्तार से बताने वाले हैं।

यह धारा मुख्य रूप से उपहति (Hurt) को परिभाषित करती है। अगर आपको कोई साधारण चोट पहुंचती है तो इसके लिए आप कानून का सहारा ले सकते हैं। तो आइये इस लेख में हम जानते हैं IPC Dhara 319 क्या होती है?

IPC 319 in Hindi
IPC Section 319 in Hindi

IPC 319 in Hindi – धारा 319 क्या है? ओर ये कब लगती है?

भारतीय दंड संहिता की धारा 319 के अनुसार, “जो कोई किसी व्यक्ति को शारीरिक पीड़ा, रोग या अंग शैथिल्य कारित करता है, वह उपहति करता है, यह कहा जाता है।”

इसे आसान भाषा में समझे तो, यदि कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति की शारीरिक रूप से पीड़ा, बीमारी या दुर्बलता का कारण बनता है जिससे दूसरे आदमी को चोट पहुँचाता है तो ऐसे में आईपीसी की यह धारा लागू होती है। आसान भाषा में कहा जाए तो एक ऐसा अपराध का कार्य जिसके कारण किसी दूसरे को शारीरिक क्षति या पीड़ा उठानी पड़ती है।

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इस धारा के अंतर्गत चोट का मुख्य कारण शारीरिक दर्द, बीमारी या दुर्बलता होना चाहिए। ऐसे कई तरीके हैं जिनसे ये सारे अपराध हो सकते हैं उदाहरण के लिए कोई व्यक्ति किसी और व्यक्ति को मुक्का मार देता है जिससे सामने वाले को चोट पहुंच सकती है या एक व्यक्ति अपनी बीमारी को किसी और को दे देता है तो इसे भी IPC Section 319 के अंतर्गत अपराध ही माना गया है।

दोस्तों, अगर आप अभी भी नहीं समझे है तो इसको हम और ज्यादा खुल के समझाने की कोशिश करते है ताकि आप और अच्छे से समझ पाओ।

जब कोई एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति को किसी भी प्रकार की साधारण चोट पहुँचाता है तो वह उपहति कहलाता है। इस धारा में उपहति का मतलब साधारण चोट होता है। वहीं अगर किसी व्यक्ति ने किसी को गंभीर चोट पहुँचायी है तो यह अपराध दूसरी धारा के अंतर्गत माना जाता है। इस धारा के अंतर्गत शारीरिक चोट की बात की जाती है ना की मानसिक चोट की, जैसे अगर आपको कोई मानसिक दुख देता है तो वह अपराध इस धारा के अंतर्गत नहीं आता है।

इस धारा के अंतर्गत दूसरे व्यक्ति के द्वारा किए गए कार्य से चोट पहुंचने पर या किसी और के द्वारा कोई बीमारी को देने पर जैसे सर्दी खांसी आदि तो ऐसे अपराध को इस सेक्शन में अपराध माना गया है। वहीं अगर किसी के द्वारा आपका हाथ मोड़ दिया जाता है या आपके साथ कोई ऐसा कार्य किया जाता है जिससे आपको उस समय के लिए चोट पहुंचती है तो यह सभी चीज है आईपीसी की धारा 319 के अंतर्गत आती है। लेकिन जो भी दर्द है वह सिर्फ कुछ ही समय के लिए यानी टेंपरेरी दर्द होना चाहिए। अगर दर्द टेंपरेरी नहीं है तो ऐसे में धारा 320 लगायी जाती है।

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FAQs-

उत्तर: जो कोई किसी व्यक्ति को शारीरिक पीड़ा, रोग या अंग शैथिल्य कारित करता है, वह उपहति करता है, यह कहा जाता है। यानी के जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को किसी भी प्रकार की उपहति (साधारण चोट) पहुँचाता है जैसे थप्पड़ मार दिया या कोई बीमारी दे दी (खासी, जुखाम आदि) तो उस व्यक्ति पर इस धारा के तहत करवाई की जाती है। लेकिन वो उपहति टेंपरेरी होनी चाहिए।

समाप्ति:-

आशा करते है कि हमारा यह आर्टिकल आपको पसंद और समझ में आया होगा। उपहति (Hurt) की धारा 319 की सभी जानकारी आपको मिल गई होगी। इस आर्टिकल को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे ताकि और लोगो तक ये जानकारी पहुँचायी जा सके।

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