State of UP vs Radhe 498a Judgement

यह विचारण थाना हीमपुर जिला बिजनौर के विवेचक द्वारा अभियुक्तगण के विरूद्ध अन्तर्गत धारा 498a, 323, 504, 506, 147 भा0दं0सं0 व धारा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अधीन आरोप पत्र प्रेषित करने पर प्रारम्भ हुआ।

संक्षेप में अभियोजन कथन इस प्रकार से है कि वादनी श्रीमती पुष्पा की शादी करीब तीन साल पहले राधे पुत्र कढेरा से हुई थी। शादी में उसके माता-पिता द्वारा दिये गये दहेज से उसकी ससुराल वाले खुश नहीं थे और उन्होंने शादी के कुछ समय बाद से ही दहेज की मांग को लेकर पुष्पा को मारपीट करना शुरू कर दिया। उससे पच्चीस हजार रूपये नकद तथा एक मोटर साइकिल की मांग दहेज में करते थे। मुल्जिम नं01 उसका पति, मुल्जिम नं02 उसका ससुर, मुल्जिम नं03 उसकी सास, मुल्जिम नं04 उसका जेठ, मुल्जिम नं05 उसका देवर व मुल्जिमा नं०8 उसकी जिठानी है। सभी उससे दहेज की मांग करते हैं। दिनांक 24-12-2007 को उसके पति राधे तथा ससुर कढेरा व सास सोमवती ने दहेज की मांग को लेकर उसके साथ मारपीट करके घर से निकाल दिया तथा सारा कीमती जेवर व कपड़ा भी अपने पास रख लिया। उसने अपने पिता को सारा वाका बताया। दिनांक 28-12-2007 समय करीब चार बजे सायं राधे, कढेरा, भागवतती, रामकिशोर, अरविन्द व श्रीमती सोमवती पुनः इकटठा होकर उसके पिता के घर ग्राम हरिनगर थाना हीमपुर आये तथा उसके माता-पिता से कहा कि जब तक पच्चीस हजार तथा एक मोटर साइकिल दहेज में नहीं दोगे, तब तक तुम्हारी पुत्री को अपने साथ नहीं ले जायेंगे। उसके पिता ने उक्त दहेज की मांग मानने से इन्कार कर दिया तो अभियुक्तगण ने वादनी व वादनी के परिवार वालों के साथ बदसलूकी की। उसके पति राधे देवर अरविन्द तथा सास सोमवती ने उसके साथ लात-घूसों से मारपीट की तथा राधे ने डंडे से भी मारा-पीटा और गंदी-गंदी गालियां दी। शोर पर गांव के बहुत से लोग तथा दाताराम व उसका भाई मुकेश मौके पर आ गये, जिन्होंने बचाया। जाते समय मुल्जिमान धमकी देकर गये कि यदि पच्चीस हजार रूपये व मोटर साइकिल लिये बिना हमारे घर लौटकर वापस आयी तो जान से मार देगे। उसको मारपीट में काफी चोटें आयीं हैं। जिनका डाक्टरी मुआयना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, स्याऊ में दिनांक 29-12-2007 को कराया। थाने वालों ने उसकी दिपोर्ट दर्ज नहीं की। पुलिस अधीक्षक, बिजनौर को प्राश्रना पत्र दिया, उसपर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई।

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वादनी मुकदमा श्रीमती पुष्पा के टाईपुशुदा प्रार्थना पत्र अन्तर्गत धारा 156(3) दं0प्रए0सं0 पर न्यायालय के आदेश दिनांकित 22-01-2008 के आधार पर अभियुक्तगण राधे, कढेरा, श्रीमती सोमवती, रामकिशोर, अरविन्द और श्रीमती भागवत्ती के विरूद्ध थाना हीमपुर दीपा पर मुकदमा अपराध संख्या 315/2008 अन्तर्गत धारा 498a, 323, 504, 506, 147 भा0दं0सं0 व धारा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम दिनांक 30-06-2008 समय 09:05 बजे सुबह पंजीकृत हुआ।

विवेचक द्वारा मामले की विवेचना की गयी। वादी एवं गवाहों के बयान अंकित किये गये तथा घटना स्थल का निरीक्षण कर नक्शा नजरी तैयार किया गया। बाद सम्पूर्ण विवेचना अभियुक्तगण राधे, कढेरा, श्रीमती सोमवती, रामकिशोर, अरविन्द और श्रीमती भगवती उर्फ भागवत्ती के विरुद्ध धारा 498a, 323, 504, 506, 147 भा0दं0सं0 व धारा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अधीन विचारण हेतु आरोप-पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया, जिस पर न्यायालय द्वारा प्रसंज्ञान लिया गया।

अभियुक्तगण राधे, कढेरा, श्रीमती सोमवत्ती, रामकिशोर, अरविन्द और श्रीमती भगवती उर्फ भागवती के विरूद्ध न्यायालय द्वारा आरोप अन्तर्गत धारा 498a, 323, 504, 506, 147 भा0दं0सं0 व धारा 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम दिनाक 04-04-2011 को विरचित किया गया। आरोप अभियुक्तगण को पढ़कर सुनाया व समझाया गया, अभियुक्तगण ने घटना से इन्कार किया तथा विचारण की मांग की।

अभियोजन पक्ष की ओर से अपने कथानक के समर्थन में पी0 डब्ल्यू01 श्याम सिंह, पी0 डब्ल्यू02 मुकेश, पी0 डब्ल्यू09 एस0 आई0 रामचन्द्र सिंह रावत पी0 डब्ल्यू04 दाताराम और पी0 डब्ल्यू05 डा0 श्रीओम को परीक्षित कराया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से अन्य कोई साक्षी परीक्षित नहीं कराया गया।

अभियुक्तगण राधे, कढेरा, श्रीमती सोमवत्ती, रामकिशोर, अरविन्द और श्रीमती भगवती उर्फ भागवती का बयान अन्तर्गत धारा 313 दं0प्र0सं0 दिनांक 23-05-2017 को न्यायालय द्वारा अंकित किया गया, जिसमें अभियुक्तगण ने वादनी द्वारा झूठा मुकदमा किया जाना व साक्षीगण द्वारा रंजिशन झूठी गवाही दिया जाना और फर्जी व झूठी चोटें दिखाकर मेडिकल कराना कथित किया गया।

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अभियुक्तगण को सफाई साक्ष्य का अवसर प्रदान किया गया। अभियुक्तगण की ओर से सफाई में डी0 डब्ल्यू01 राधे को परीक्षित कराया गया। अन्य कोई साक्षी परीक्षित नहीं कराया गया।

विद्वान सहायक अभियोजन अधिकारी और अभियुक्तगण के विद्वान अधिवक्ता की बहस सुनी तथा पत्रावली का सम्यक अवलोकन किया।

प्रस्तुत अभियोग में अभियोजन पक्ष द्वारा यह संदेह से परे साबित किया जाना है कि दिनांक 28-12-2007 को समय करीब चार बजे सायं स्थित ग्राम हरिनगर थाना हीमपुर दीपा जिला बिजनौर में अभियुक्तगण राधे, कढेरा, श्रीमती सोमवती, रामकिशोर, अरविन्द और श्रीमती भगवती उर्फ भागवती द्वारा वादनी पुष्पा देवी को दहेज की मांग को लेकर उत्पीड़ित किया। उसके साथ गाली-गलौंच एवं मारपीट की गयी तथा जान से मारने की धमकी देकर आपराधिक अभित्रास का अपराध कारित किया गया तथा दहेज में 25 हजार रूपये नकद व मोटर साइकिल की मांग की गयी।

अभियोजन पक्ष द्वारा उक्त तथ्यों को साबित करने के लिए पांच साक्षीगण परीक्षित कराये गये है।…

पूरा जजमेंट पढ़ने के लिए निचे PDF को पढ़े।

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